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biography of yogi adityanath in hindi

 योगी आदित्यनाथ (मूल नाम : अजय सिंह बिष्ट; जन्म 5 जून 1972) गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मन्दिर के महन्त तथा राजनेता हैं एवं वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री हैं। इन्होंने 19 मार्च 2017 को प्रदेश के विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद यहाँ के 21वें मुख्यमन्त्री पद की शपथ ली।

शिक्षा :

        योगी आदित्यनाथ जी की प्राथमिक शिक्षा गजा गाँव के स्कूल से हुई और दसवीं कक्षा भी इन्हों ने यही से की । इसके बाद सन 1989 मे बारवी कक्षा ऋषिकेश के भरत इंटर मंदिर कॉलेज से की । योगी जी ने गढ़वाल एच.एन.बी विश्वविद्यालय से science मे स्नातक की है । योगी जी जब स्नातक कर रहे थे वे तभी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े । योगी जी ने हिंदू युवाओं को साथ लाकर एक हिंदू संगठन का भी निर्माण किया है यह संगठन किसी न किसी विवाद मे उलझा रहा है । Police ने इस संगठन पर मऊ मे हुअ दगो का आरोप लगाया ये दंगे मुक्तार अंसारी नाम के विधायक के खिलाफ थे जिन्होने B.J.P के एक विधायक की हत्या कर दी थी ।


Yogi Adityanath’s family –

        योगी आदित्यनाथ के पिता जी का नाम आनंद सिंघ बिष्ट था योगी जी के पिता जी एक फोरेस्ट रेंजर और गोरखनाथ मंदिर के महंत थे अपने पिता जी की मृत्यु के बाद अब योगी जी स्वम इस मंदिर के महंत है । योगी आदित्यनाथ जी की माता जी का नाम सावित्री देवी था । योगी जी अपने माता -पिता की पाँचवी औलाद है । योगी जी की तीन बड़ी बहने एक बड़े भाई और दो छोटे भाई है ।

योगी आदित्यनाथ का राजनैतिक जीवन :

        योगी आदित्यनाथ 1998 से लगातार गोरखपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. योगी यूपी बीजेपी के बड़े चेहरे माने जाते है. योगी आदित्यनाथ 2014 में पांचवी बार लोकसभा सांसद बने. योगी के गुरु अवैद्यनाथ ने सन 1998 में राजनीति से संन्यास लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया. यहीं से योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पारी शुरू हुई. 1998 में गोरखपुर से 12वीं लोकसभा का चुनाव जीतकर योगी आदित्यनाथ संसद पहुंचे तो वह सबसे कम उम्र के सांसद थे, वो 26 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने.

हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक – योगी आदित्यनाथ :

        योगी आदित्यनाथ हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं, हिंदू युवा वाहिनी संगठन हिन्दू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह है. ये संगठन हमेशा किसी न किसी विवाद में उलझा रहा. इस संगठन पर 2005 में मऊ में हुए दंगे का आरोप भी लगा था. यह दंगा भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक कृष्णानंदा राय की हत्या के आरोपी मुख़्तार अंसारी को लेकर हुआ था.


दंगे और गिरफ्तारियां –

जनवरी 2007 में हिन्दुओं और मुस्लिमो के बीच मुहर्रम के दौरान एक तकरार हुई थी. इस तकरार में युवा वाहिनी का एक सदस्य राज कुमार अग्रहरी भी था. उस क्षेत्र के जिलाधीश ने योगी से बात की और उन्हें उस जगह पर न जाने को कहा. शुरू में योगी मान गये पर इसी दौरान इस तनाव में अग्रहरी की मृत्यु हो गयी. इस घटना से उत्तेजित होकर योगी मजिस्ट्रेट की बात न मान कर अपने अनुयायीओं के साथ उस तकरार वाली जगह पर पहुँच गये. आदित्य नाथ ने पहले तो एक अहिंसक धरना दिया, लेकिन योगी की बातों ने उनके कुछ अनुयायियों को भड़का दिया, और उन लोगों ने मिलकर वहाँ पर स्त्थित एक मज़ार में आग लगा दी. इसके बाद पूरे क्षेत्र में लोकल पुलिस द्वारा कर्फ्यू लग गया, योगी ने इस कर्फ्यू को भी नहीं माना, और उन्हें इंडियन पेनल कॉड की धारा 151A , 146, 279, 506 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया. इस गिरफ्तारी से क्षुब्ध होकर हिन्दू युवा वाहिनी के सदस्यों ने मुंबई – गोरखपुर एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे जला डाले. इस घटना के बाद वहाँ के तात्कालिक ज़िलाधिकारी और लोकल पुलिस चीफ़ का तबादला कर दिया गया. उसके बाद गोरखपुर में कई मस्जिदों, घरो, बसों, ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया गया. जेल से छूटने के बाद योगी ने अपनी गिरफ्तारी का विरोध लोकसभा में भी किया.



कट्टर हिंदूवादी छवि :

        कट्टर हिंदूवादी और नाथ सम्प्रदाय के प्रमुख भाजपा से पांच बार सांसद रहे योगी से महंथ बने आदित्यनाथ को अंततः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए विधायक दल का नेता चुन लिया गया। राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे नाथ सम्प्रदाय के महंथ अबैद्य नाथ ने योगी को न सिर्फ दीक्षा देकर गोरखनाथ मंदिर का उत्तराधिकारी बनाया बल्कि अपने ही नेतृत्व में देश की सबसे बड़ी पंचायत में वर्ष 1998 में सांसद बनवाने का काम किया। वर्ष 2007 के गोरखपुर में हुए दंगों में योगी का नाम भी आया और उन्हें मुलायम सरकार में गिरफ्तार भी किया गया।
छुआछूत और हिन्दू जातियों को एकता के सूत्र में पिरोने में माहिर योगी के गुरु अवैद्यनाथ की वर्ष 2015 में मौत के बाद योगी आदित्य नाथ महंत आदित्यनाथ बन गए।

ऐसे बढ़ा योगी का कद :

        अब तक योगी आदित्यनाथ की हैसियत ऐसी बन गई कि जहां वो खड़े होते, सभा शुरू हो जाती, वो जो बोल देते हैं, उनके समर्थकों के लिए वो कानून हो जाता है यही नहीं, होली और दीपावली जैसे त्योहार कब मनाया जाए, इसके लिए भी योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर से ऐलान करते हैं, इसलिए गोरखपुर में हिंदुओं के त्योहार एक दिन बाद मनाए जाते हैं। गोरखपुर और आसपास के इलाके में योगी आदित्यनाथ और उनकी हिंदू युवा वाहिनी की तूती बोलती है। बीजेपी में भी उनकी जबरदस्त धाक है। इसका प्रमाण यह है कि पिछले लोकसभा चुनावों में प्रचार के लिए योगी आदित्यनाथ को बीजेपी ने हेलीकॉप्टर मुहैया करवाया था।

विवाद :

        7 सितम्बर 2008 को सांसद योगी आदित्यनाथ आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला हुआ था। इस हमले में वे बाल-बाल बच गये। यह हमला इतना बड़ा था की सौ से अधिक वाहनों को हमलावरों ने घेर लिया और लोगों को लहुलुहान कर दिया। आदित्यनाथ गोरखपुर दंगों के दौरान तब गिरफ्तार किया गया जब मुस्लिम त्यौहार मोहर्रम के दौरान फायरिंग में एक हिन्दू युवा की जान चली गयी। जिलाधिकारी ने बताया की वह बुरी तरह जख्मी है। तब अधिकारियों ने योगी को उस जगह जाने से मना कर दिया परन्तु आदित्यनाथ उस जगह पर जाने को अड़ गए।

        तब उन्होंने शहर में लगे कर्फ्यू को हटाने की मांग की। अगले दिन उन्होंने शहर के मध्य श्रद्धान्जली सभा का आयोजन करने की घोषणा की लेकिन जिलाधिकारी ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया। आदित्यनाथ ने भी इसकी चिंता नहीं की और हजारों समर्थकों के साथ अपनी गिरफ़्तारी दी। आदित्यनाथ को सीआरपीसी की धारा 151A, 146, 147, 279, 506 के तहत जेल भेज दिया गया। उन पर कार्यवाही का असर हुआ कि मुंबई-गोरखपुर गोदान एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे फूंक दिए गए, जिसका आरोप उनके संगठन हिन्दू युवा वाहिनी पर लगा।


        यह दंगे पूर्वी उत्तर प्रदेश के छह जिलों और तीन मंडलों में भी फ़ैल गए। उनकी गिरफ़्तारी के अगले दिन जिलाधिकारी हरि ओम और पुलिस प्रमुख राजा श्रीवास्तव का तबादला हो गया। कथित रूप से आदित्यनाथ के ही दबाव के कारण मुलायम सिंह यादव की उत्तर प्रदेश सरकार को यह कार्यवाही करनी पड़ी।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 15 बड़े फ़ैसले (Yogi Adityanath 15 major decisions)

उत्तरप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की एक प्रकांड बहुमत से जीत के बाद मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई नेता दिखे. इस सभी को पीछे छोड़ते हुए योगी आदित्यानाथ ने बीती 19 मार्च को मुख्यमंत्री के पद के लिए शपथ ग्रहण किया. योगी के शपथ समारोह में केंद्र के कई बड़े नेता प्रधानमन्त्री मोदी के साथ एक ही मंच पर दिखे. योगी ने मुख्यमंत्री बनते हुए सामाज के सभी समुदायों और वर्गों के लिए कार्य करने की शपथ ली. इनके कैबिनेट में कुल 47 मंत्री शामिल हैं.

योगी ने मुख्यमंत्री बनने के साथ ही अपने फैसले सुनाने शुरू कर दिए है. उन्होंने उत्तरप्रदेश के लोगों के लिए कई बड़ी बातों का ऐलान किया है, जिसका वर्णन नीचे किये जा रहा है.

  • योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी के चुनावी घोषणापत्र में दिया गया अवैध कसाईखानों को बंद कराने के मुद्दे पर सबसे पहले दावा बोला. उन्होंने मुख्यमंत्री बनते ही कई पुलिस कर्मचारियों को ये आदेश दिया है कि जल्द से जिल्द एक ऐसी योजना तैयार की जाए, जिसकी सहायता से उत्तरप्रदेश में चल रहे अवैध कसाईखाने बंद कराये जा सकें.
  • योगी आदित्यनाथ स्वयं एक पुजारी और गौ सेवक हैं. उन्होंने राज्य के पुलिस प्रमुखों को आदेश दिया है, कि राज्य में होने वाले गाय की तस्करी पर जल्द से जल्द कार्यवाही करे. उन्होंने यह भी कहा है कि पुलिस को इस काम में आवश्यकता के अनुसार सख्ती बरतने की छूट है. इस कार्य के लिए उन्होंने ‘जीरो –टॉलरेंस’ की नीति अपनाने की बात कही.
  • अपने मुख्यमंत्री बनने के दुसरे दिन ही उन्होंने उत्तरप्रदेश में लड़कियों को छेड़ने वाले मनचलों के विरोध में एक बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस को एक ‘एंटी रोमियो स्क्वाड’ नाम की टीम का गठन करने का आदेश दिया है. ये टीम लखनऊ के ग्यारह जिलों में तैनात की गयी है, जो मनचलों को सबक़ सिखाएगी. ये टीम लखनऊ के सभी स्कूलों और कॉलेजों के बाहर तैनात रहेगी.
  • योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनते हुए एक और बहुत बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के तहत किसी भी सरकारी कार्यालय में किसी कर्मचारी को पान या तम्बाकू खाने की इजाज़त नहीं होगी. सरकारी कार्यालयों के साथ ये फैसला स्कूल, कॉलेजों और अस्पतालों में भी लागू होता है. योगी ने सरकारी कार्यालयों में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है. उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के अनुसार पिछली सरकार के दौरान सभी सरकारी कार्यालयों में पान की पीक से इतनी गन्दगी फैलाई गयी थी कि वहाँ रहना मुश्किल लग रहा था.
  • उत्तरप्रदेश सरकार की नयी कैबिनेट तैयार होने के साथ योगी ने कैबनेट के सभी मंत्रियों को उनके व्यक्तिगत सभी अचल एवं चल धन सम्पति का सारा ब्यौरा पंद्रह दिन के अन्दर उनके सामने लाने को कहा है. ये फैसला उत्तरप्रदेश सरकार के सभी सदस्यों को बुलाकर एक मीटिंग में लिया गया. इस मीटिंग में उत्तरप्रदेश सरकार के कुल 65 आधिकारिक सदस्य मौजूद थे.
  • योगी आदित्यनाथ ने अपने कैबिनेट के सभी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि किसी भी मुद्दे पर बिना सोच समझे ग़ैर ज़रूरी और ग़ैर ज़िम्मेदाराना बयान न दें. इस तरह के ग़ैर जिम्मेदाराना बयान से लोगों की भावनाएँ आहत होती हैं, और समाज में बहुत बुरा सन्देश जाता है, जिससे सरकार की छवि खराब होती है.
  • योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के साथ ही केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा से मुलाक़ात की, और अयोध्या में एक विशाल रामायण म्यूजियम के निर्माण की बात कही. ऐसा माना जा रहा है कि राज्य सरकार ने इस काम के लिए अयोध्या में 25 एकड़ ज़मीन चुन ली है और केंद्र सरकार ने 154 करोड़ का फंड इस काम को पूरा करने के लिए देने की बात कही है.
  • योगी आदित्यनाथ ने ग़ैर सरकारी सलाहकारों को नौकरी से हटाने का फैसला किया है. इन सलाहकारों के अतिरिक्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, निगम सदस्य, अनावश्यक समितियां और उनके सदस्य आदि भी शामिल हैं. समाजवादी पार्टी की सरकार ने अपने समय में ऐसे 80 सलाहकारों को नियुक्त कर रखा था, जो एक मंत्री को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठा रहे थे.
  • योगी आदित्यनाथ ने एक मीटिंग में सभी अधिकारियों को भारतीय जनता पार्टी का संकल्प पत्र दिया है और उस पर अमल करने को कहा है. मुख्यमंत्री के अनुसार लोकहित में तैयार किये गये भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र को ध्यान में रखते हुए ये सरकार अपना कार्य करेगी.
  • योगी ने पुलिस अधिकारियों को लगातार सोशल मीडिया से जुड़े रहने का आदेश दिया है, जिसकी सहायता से पुलिस को जल्द से जल्द किसी घटना का पता चलेगा और पुलिस बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुँच कर मामले में हस्तक्षेप कर सकेगी. योगी ने कहा ये राज्य में सांप्रदायिक शांति के लिए अतिआवश्यक है. साथ ही उन्होंने महिला सुरक्षा पर ‘जीरो टोलेरेंस’ की नीति अपनाने की बात कही है.
  • योगी ने समाज से VIP कल्चर को हटाने के लिए एक बहुत बड़ा क़दम अपनाया है. उन्होंने अपने सभी मंत्रियों को आदेश दिया है कि वे अपनी निजी गाड़ियों में लाल बत्ती का इस्तेमाल नहीं करेंगे. ये फैसला कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा भी पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद लिया गया है.
  • उच्च पदो पर आसीन नौकरशाहों को एक छोटी सी मुलाक़ात में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये कह दिया है कि राज्य में न्याय और व्यवस्था एक हफ्ते में तात्कालिक हाल से अधिक विकसित होता दिखना चाहिए.
  • इलाहाबाद में एक बसपा नेता की हत्या के मामले में राज्य के मुख्यमंत्री ने डीजीपी जावेद अहमद को निर्देश दिया है, कि वे जल्द से जल्द अभियुक्तों को गिरफ्तार करे. साथ ही ये भी निर्देश दिया कि क्षेत्र के न्याय और व्यवस्था की रिपोर्ट पंद्रह दिनों में उनके सामने रखी होनी चाहिए.
  • राज्य के मुख्यमंत्री ने सभी उच्च पदाधिकारियों को ये निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द उन लोगों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करें, जो राज्य सरकार के दिशानिर्देश का पालन नहीं कर रहे है और अवैध कसाईखानों को अभी भी चला रहे हैं.

भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र में राममंदिर निर्माण का भी ज़िक्र है. योगी आदित्यनाथ का इस मुद्दे पर औपचारिक बयान नहीं आया है, किन्तु वे ऐसे कई लोगों से मिलते नज़र आ रहे हैं जो राम जन्म भूमि आन्दोलन से जुड़े हैं.

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